गाजियाबाद, मार्च 13 -- गाजियाबाद राजनगर एक्सटेंशन की राज एम्पायर सोसाइटी में रहने वाले हरीश राणा के लिए इच्छा मृत्यु को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद उनके माता-पिता बेचैन हैं। माता-पिता भीगी आंखों से बेटे को बार-बार निहार रहे हैं। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि भले ही हरीश 13 साल से कोमा में थे, लेकिन पास में तो थे। अब यह साथ केवल कुछ दिन का ही है। हरीश के पिता अशोक राणा ने मीडिया से दूरी बनाई हुई है। वह इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर रहे, लेकिन जब भी बात करते हैं, बोलते-बोलते उनकी आंखें भर आती हैं। वहीं, मां निर्मला देवी भी बेटे के बारे में सोचकर दुखी हो जाती हैं। मां बार-बार अपने बेटे को टकटकी लगाए निहार रही हैं और पिता भी प्यार से बेटे को सहला रहे हैं। यह जानकारी देने वाले पड़ोसियों का कहना है कि परिवार किसी से भी ज्यादा बात नही...
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