गाजियाबाद, मार्च 15 -- 13 साल तक मरणासन्न रहे हरीश राणा के अब आखिरी कुछ दिन बचे हुए हैं। मां-बाप की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट से 'इच्छामृत्यु'की इजाजत मिलने के बाद हरीश को एम्स के उस वार्ड में भर्ती करा दिया गया है, जहां उन्हें शरीर त्याग के लिए मदद की जाएगी। इस बीच हरीश राणा के पिता और मां के लिए भी यह बेहद कठिन क्षण हैं। इतने सालों के संघर्ष और बेटे के इलाज के लिए सबकुछ गंवा चुके मां-बाप ने सीने पर पत्थर रखकर बेटे के लिए इच्छा मृत्यु की मांग की थी। 13 साल से मरणासन्न अवस्था बेटे की देखभाल कर रहे परिवार का संघर्ष बहुत बड़ा रहा। बेटे के इलाज में बहुत खर्च करने के बाद भी जब उम्मीद नजर नहीं आई तब जाकर मां-बाप ने इच्छा मृत्यु के लिए अर्जी दायर की थी। हरीश के इलाज पर हर महीने करीब 70 हजार तक का खर्च आता था। इलाज में पुरखों का घर और जमीन बिक गई।...
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