संभल, जुलाई 8 -- हरि बाबा महाराज के परम प्रिय शिष्य, संत परंपरा के प्रतिष्ठित संत श्री श्री 1008 ब्रह्मचारी बाबा महाराज के ब्रह्मलीन होने से पूरे खादर अंचल में शोक की लहर दौड़ गई। 102 वर्ष की आयु में स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली। जैसे ही यह समाचार हरि बाबा बांध धाम और आसपास के गांवों में पहुंचा, श्रद्धालुओं में गहरा दुःख छा गया। बड़ी संख्या में अनुयायी अपने पूज्य संत को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए वृंदावन रवाना हो गए, जहां वैदिक परंपरा के अनुसार उन्हें समाधि दी गई। बुधवार को हरि बाबा बांध धाम पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। संत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके बताए सेवा, भक्ति और सत्संग के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था वृंदावन पहुंच...