भागलपुर, मार्च 22 -- हिन्दू नववर्ष के अवसर पर घाट ठाकुरबाड़ी में चल रहे 51वें श्रीरामचरितमानस नवाह पारायण एवं श्रीराम कथा की अमृत वर्षा के तीसरे दिन प्रयागराज से आए स्वामी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि पुत्र के लिए भाई की संपत्ति कभी नहीं मारना चाहिए। लोभ के चक्कर में कभी नहीं पड़ना चाहिए जो भाग में है उतना ही मिलेगा उससे ज्यादा नहीं मिल सकता। ये संसार है यहां हमारा कोई नहीं यहां सब स्वार्थ के साथी हैं, इस शरीर का कोई भरोसा नहीं इसलिए जब तक सांसे चल रही है हरि का भजन करें, हरि ही हमारे काम आएंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...