कन्नौज, नवम्बर 8 -- गुगरापुर,कन्नौज। जलेसर के याज्ञवल्क्य आश्रम में शनिवार को गंगा तट पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यास गंगा नारायण त्रिपाठी ने भगवान हर और हरि की समान उपासना की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव और विष्णु एक-दूसरे के पूरक हैं। इसलिए हरि के बिना शिव की पूजा और शिव के बिना हरि की आराधना अधूरी मानी जाती है। व्यास गंगा नारायण ने कहा, पूजा की पूर्ण सिद्धि के लिए भक्तों को दोनों देवों की समान भक्ति करनी चाहिए। जो व्यक्ति केवल एक देव की भक्ति से दूसरों की कृपा चाहता है, वह असमझदारी में फंस जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान भोलेनाथ स्वयं कहते हैं कि श्री विष्णु हमारे अत्यंत प्रिय हैं और उनके समान प्रिय कोई नहीं। उन्होंने कथा में बताया कि शिव और विष्णु भक्तों की इच्छाओं की पूर्ति करते हैं। शिव भक्त की मनोकामना ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.