बलिया, फरवरी 5 -- बैरिया, हिन्दुस्तान संवाद। 'संत सहहिं दुख परहित लागी।' गोस्वामी तुलसीदास जी की यह चौपाई क्षेत्र के परमपूज्य संत श्री स्वामी हरिहरानन्द जी पर चरितार्थ हो रही हैं। आप यह तो सुने होंगे कि कोई व्यक्ति या संस्था किसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर भूख-हड़ताल करते हैं, लेकिन संभवत: पहली बार ऐसा सुनने को मिला हो कि आप भगवान के नाम का संकीर्तन शुरू करें नहीं तो हम अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। एक दो घण्टे नहीं बल्कि पूरे 72 घण्टे से संत ने लोक कल्याण के लिए अन्न-जल त्याग दिया था। परमपूज्य संत स्वामी मुनिश्वरानन्द जी महाराज 'खपड़िया बाबा' के कृपापात्र संत ने चार दिन बाद सैकड़ों भक्तों के अनुनय-विनय के बाद गुरुवार को अन्न-जल ग्रहण किया। स्वामी जी ने क्षेत्र भर के गांवों के मंदिरों पर भगवद्नाम संकीर्तन कम होने से दुखी होकर दो फरवरी से ...