बांका, अगस्त 25 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। हमें अपने बचपन की यादें अक्सर उन हरियाली से भरे जंगलों में मिलती हैं, जहां आकाश से धरती तक एक गहरी शांति होती थी। परंतु आज, कटोरिया एवं चांदन के जंगलों की यह शांति खामोशी में बदल चुकी है, और वहां अब केवल कटे हुए वृक्षों के अवशेष और बंजर ज़मीनें बाकी रह गई हैं। यह बदलाव न केवल पर्यावरण के लिए एक बड़ा संकट है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी गंभीर खतरे की घंटी है। राज्य सरकार जल-जीवन-हरियाली अभियान के जरिए जहां पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर कटोरिया वन क्षेत्र में पड़ने वाले कटोरिया एवं चांदन प्रखंड के जंगलों से अवैध रूप से पेड़ों की कटाई जारी है, और इन लकड़ियों को चिराई के लिए धड़ल्ले से अवैध आरा मीलों में पहुंचाया जा रहा है। खास बात यह है ...
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