औरंगाबाद, जून 4 -- कुटुंबा अंचल के सुदूरवर्ती गांव चिरईयांटांड निवासी राज कुमार सिंह पर्यावरण और पक्षी संरक्षण के क्षेत्र में अपनी अनूठी पहल के कारण प्रेरणा के केंद्र बने हुए हैं। पिछले लगभग 12 वर्षों से वे निःस्वार्थ भाव से हरियाली बढ़ाने और विलुप्त होती चिड़ियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। राजकुमार सिंह एक ओर पीपल, पाकड़ और बरगद जैसे अधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों का रोपण कर रहे हैं, वहीं पक्षियों के लिए कृत्रिम घोंसले तैयार कर विभिन्न स्थानों पर स्थापित कर रहे हैं तथा वर्ष भर उनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था भी करते हैं। अपने गांव के अलावा चकुआ, ओर, बड़हर, सोरी तथा झारखंड के मांडू क्षेत्र में भी वे हजारों पौधे लगा चुके हैं। यह भी पढ़ें- 35 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रहे राखोहरि पक्षियों के संरक्षण के लिए उन्होंने लकड़ी...