नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- हरियाणा सरकार ने हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में 791 सेवाओं को शामिल किया है। सरकार के अनुसार इन सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी जरूरी होगी और देरी या सेवा से इनकार करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का जोर प्रशासन को लोगों के करीब लाने और सेवाओं को आसान बनाने पर है। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन इस कानून के तहत सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी की निगरानी करता है। सरकार के मुताबिक कानून के तहत अधिसूचित सेवाओं की संख्या शुरुआत में 163 थी, जो अब बढ़कर 791 हो गई है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारी को आयोग के सामने बुलाया जा सकता है और उस पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रभावित आवेदक को 5,000 रुपये तक मुआवजा भी दिया जा सकता है। सरकार ने कहा कि सुधार...