देहरादून, अप्रैल 7 -- देहरादून। पट्टियोंवाला क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य विपिन चंद्र डोभाल ने कथा का शुभारंभ महात्म्य वर्णन के साथ किया। उन्होंने कहा कि कलियुग में मानव के लिए हरिनाम ही सबसे सरल और प्रभावी साधन है। प्रवचन के दौरान उन्होंने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य इन तीनों साधनों का उल्लेख करते हुए विशेष रूप से भक्ति मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भौतिक संसाधनों की प्रचुरता के बावजूद मनुष्य मानसिक शांति से दूर होता जा रहा है। मानसिक शांति एवं आत्मकल्याण के लिए कथा श्रवण अत्यंत आवश्यक है।आचार्य डोभाल ने कलियुग के दोष और गुणों का वर्णन करते हुए कहा "नहि कलि करम न भगति बिबेकू, राम नाम अवलम्बन एकू"। उन्होंने बताया कि कलियुग में भगवन्नाम का स्मरण ही जीव के कल्याण का सहज एवं सरल मार्ग है। इस अवसर प...