हरिद्वार, मार्च 2 -- ज्वालापुर की मिश्रान गली में अध्यात्म चेतना संघ ने फूलों की होली खेली। भक्ति संगीत, काव्य पाठ और ब्रज के गीतों की रसधार में डूबे श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक उल्लास के साथ रंगोत्सव मनाया। इसका आयोजन संस्थापक आचार्य करुणेश मिश्र के आवास पर हुआ। गणपति आराधना से शुरुआत हुई। मिश्र ने कहा कि होली का पर्व प्रकृति के सौंदर्य और मानव मन के उल्लास का प्रतीक है। इस उत्सव को शालीनता, आपसी प्रेम, सौहार्द और सम्मान के साथ मनाना ही इसकी सच्ची भावना है। महेश चंद काला और विजेंद्र पालीवाल ने हास्य-व्यंग्य की रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। अरुण पाठक ने 'होली खेलत ब्रजनार कान्हा संग', कंचन प्रभा गौतम ने 'इंद्रधनुष के रंगों में रंगा है मेरा मन' और प्रेम शंकर शर्मा ने 'मधुबन में मेरो श्याम खिलाय रह्यो फूलों से होली' प्रस्तुत किया। साधुराम ...