हरिणा में 800 वर्ष पहले स्वयं प्रकट हुआ था शिवलिंग
जमशेदपुर, अगस्त 2 -- कोल्हान के प्रसिद्ध धाम में से बाबा मुक्तेश्वर धाम का अलग ही स्थान है। प्राकृतिक वादियों में बसा हरिणा का बाबा मुक्तेश्वर धाम चारों ओर जंगल एवं लंबे पेड़ों से घिरा है। यहां शिवलिंग की उत्पति स्वयं हुई थी, जिसके कारण इस स्थान का विशेष महत्व है। यहां सावन में पूरे झारखंड सहित बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से लोग हजारों की संख्या में हर साल जलाभिषेक के लिए आते हैं। हरिणा मुक्तेश्वरधाम शिव मंदिर स्थित शिवलिंग की प्राचीन एवं अनोखी कहानी प्रचलित है। लोक कथा के अनुसार खड़बंद गांव के कुंजबिहारी मंडल के घर से चरवाहा गाय-बैल लेकर चराने जाता था। यह भी पढ़ें- Jamshedpur News: महादेवशाल में होती है खंडित शिवलिंग की पूजा कुछ दिनों से मंडल परिवार की एक दुधारू गाय ने दूध देना बंद कर दिया। परिवार वालों को शक हुआ कि कहीं चरवाहा दूध न पी...
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