मोतिहारी, मार्च 2 -- हरसिद्धि, एक संवाददाता। एक ऐसा गांव, जहां फूलों की होली होती है। लोग रंग और गुलाल की जगह एक-दूसरे को फूलों की पंखुड़िया बरसाते हैं। पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि प्रखंड के भादा गांव में बीते तीन वर्षों से ऐसी होली खेली जा रही है। कही गेंदे का फूल बरसता है तो कहीं गुलाब का। फूलों की खुशबू से होली का एक अलग रंग दिखता है। खान-पान में भी सात्विक रूप दिखाता है। ग्रामीण इस दिन मांसाहार से परहेज करते हैं। पुष्प वर्षा कर खिलाते सूखा मेवा: गांव के लोग भी रंग और गुलाल से होली खेलते थे। वर्ष 2022 में 18 वर्षीय सचिन कुमार के मुंह पर दोस्तों ने इतना रंग और गुलाल लगा दिया कि वह बेहोश हो गया। होली के दिन छुट्टी होने के कारण घरवालों को इलाज़ के लिए काफ़ी परेशान होना पड़ा था। काफ़ी मशक़्क़त के बाद उसकी जान बच पाई थी। तब से गांव के लोगों ने आम सह...
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