लखनऊ, अप्रैल 26 -- हरशंकरगढ़ी में जर्जर पुल की जगह नया पुल तो खड़ा कर दिया गया, लेकिन उस तक पहुंचने के लिए रास्ता (एप्रोच मार्ग) बनाना विभाग भूल गया। पिछले छह महीने से पुल 'सफेद हाथी' साबित हो रहा है और हजारों की आबादी वैकल्पिक रास्तों के अभाव में मुसीबतें झेल रही है। किसान पथ से सटे हरशंकरगढ़ी में बसी दर्जनों कॉलोनियों और हरकंशगढ़ी व डालौना गांव के ग्रामीणों के लिए यह पुल लाइफलाइन था। स्थानीय निवासी राजेश, शत्रोहन, संतोष और संजीवन ने बताया कि रास्ता न होने के कारण लोग मजबूरी में हाईवे पर पुलिस चौकी के पास से उल्टी दिशा रॉन्ग साइड में वाहन चलाने को मजबूर हैं। यह भी पढ़ें- जमुई: झाझा के केशोपुर में पुलिया के कराया गया निर्माण निरर्थक साबित हो रहा है इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ​पुल के पास ही एक निजी इंटर कॉलेज और सरकारी स्कूल स्थित...