संभल, अप्रैल 14 -- विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों द्वारा सोमवार को हयातनगर स्थित अयोध्या मंदिर में सीता अवतरण दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक छोटी बालिका को माता जानकी के स्वरूप में सजाकर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में जिला संयोजिका दीपा वार्ष्णेय ने कहा कि माता सीता नारी शक्ति का सर्वोत्तम प्रतीक हैं। वे राजा जनक की पुत्री, भगवान श्रीराम की पत्नी तथा लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं। उन्होंने जीवनभर कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, संयम और पतिव्रत धर्म का पालन कर आदर्श स्थापित किया। रीता आर्य ने सीता प्राकट्य की पौराणिक कथा का वर्णन करते हुए बताया कि बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को राजा जनक जब अकाल के समय हल चला रहे थे। तभी भूमि से कलश प्राप्त हुआ और उसमें से दिव्य कन्या प्...