नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह डूसू चुनावों (दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव) में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के बारे में निर्देश जारी नहीं कर सकता। अदालत ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि वह ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि ऐसा अधिकार देने वाला कोई कानूनी प्रावधान ही नहीं है। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने यह मौखिक टिप्पणी एक PIL पर सुनवाई करने के दौरान की, जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनावों में महिलाओं के लिए रोटेशन (बारी-बारी) के आधार पर 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का निर्देश देने की अपील की गई थी। सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि कोर्ट ऐसे मामलों पर विचार नहीं करता, जिनमें काल्पनिक या आदर्शवादी आधार पर यह कहा जाए कि 'ऐसा होना चाहिए'। मामले की सुनवाई के दौरान अदाल...