नई दिल्ली, मई 2 -- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सियासी लड़ाई लड़ रही थी। दो चरणों में वोटिंग खत्म होने के बाद अब टीएमसी की लड़ाई चुनाव आयोग से शुरू हो चुकी है। ममता की पार्टी ने वोटों की गिनती के लिए सुपरवाइजर और सहायक के तौर पर केंद्र सरकार और PSU कर्मचारियों की तैनाती को लेकर ऐतराज जताया है। इसके लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ रही है। कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद इस मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस याचिका पर सुनवाई के लिए जस्टिस पामिदिघंतम नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की एक विशेष पीठ का गठन किया गया है।टीएमसी की तरफ से सिब्बल ने क्या-क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी की पैरवी वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल कर रहे हैं। उन्...