सहारनपुर, सितम्बर 15 -- सरसावा। नकुड़ रोड स्थित श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ में चल रहे 20वें वार्षिकोत्सव में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा सहित विभिन्न देशों और देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे सुंदरसाथ को राजन स्वामी ने तारतम वाणी का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि सर्वदा सत्य की ही विजय होती है, असत्य की नहीं। सत्य से ही मोक्ष के मार्ग का विस्तार होता है और सत्य के अनंत स्रोत परमात्मा को प्राप्त कर मनुष्य सभी कामनाओं से रहित होकर कृतकृत्य हो जाता है। राजन स्वामी ने कहा कि, अपना दीदार देने के लिए आप मुझे तरसा रहे हैं तो मैं तरस रही हूं। मुझसे तो कुछ भी नहीं हो सकता। सारी बातें तो आपके ही हाथों में हैं। अब आप जैसा चाहें, वैसा ही करें। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्य के मार्ग पर चलते हुए परमात्मा की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करना च...