हमेशा यादों में जीवित रहेंगे माहेश्वर तिवारी
मुरादाबाद, जुलाई 21 -- मुरादाबाद। शहर के निवासी नवगीतकार दादा माहेश्वर तिवारी आज भले ही लोगों के बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, किस्से, कहानियां और गीत हमेशा जीवित रहेंगे। आज 22 जुलाई को उनकी जयंती है। साहित्यकार योगेन्द्र वर्मा 'व्योम' कहते हैं कि, ऐसे में उनके व्यक्तित्व की चर्चा स्वाभाविक है। वर्ष 2024 में 16 अप्रैल को उनके निधन के पश्चात हर वर्ष 22 जुलाई को उनकी जयंती 'पावस गोष्ठी एवं सम्मान समारोह' के रूप में मनाई जाती है। बताया कि, दादा माहेश्वर एक साहित्यकार होने के साथ साथ ही अच्छे इंसान थे। उनके पास बैठना, बतियाना साहित्य के एक युग से बतियाना होता था। उनके पास साहित्यकारों, कवि सम्मेलनों, साहित्यिक आयोजनों के इतने संस्मरण थे कि समय कब गुजर जाता था पता ही नहीं चलता था। योगेन्द्र वर्मा 'व्योम' ने सुल्तानपुर जिले से लेकर उनसे जुड़ी...
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