फर्रुखाबाद कन्नौज, मई 7 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। हमीरपुर में ओवरलोड नाव पलटने से हुई छह मौत के बाद भी पतित पावनी गंगा के तट पर चलने वाली नावों के हालात नहीं बदले हैं। शहर के समीपवर्ती पांचालघाट पर रोज क्षमता से तीन गुना ज्यादा सवारी भरकर नावें फर्राटा भर रही हैं। न लाइफ जैकेट है न नाविक के पास लाइसेंस। सफर जिंदगी और मौत का खेल बन गया है। पांचालघाट पर मोटरबोट और नावों को मिलाकर 200 से कम संख्या नहीं है। 15 सवारी की क्षमता वाली नाव में दो गुने तक यात्री बैठा लिये जाते हैं। सुबह छह बजे से ही नावें गंगा की धारा में फर्राटा भरने लगती हैं। सबसे खराब स्थिति मोटरबोट की है जो कि काफी तेज स्पीड में धारा में फर्राटा भरते हैं। सवारियों के चीखने चिल्लाने के बाद भी मोटर वोट चालकों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। यही नहीं पालेज के समय मोटर वोट और नावों पर कु...