कन्नौज, फरवरी 25 -- छिबरामऊ, संवाददाता। नगर के पूर्वी बाईपास स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में दिल्ली-भिवानी से पधारे परम पूज्य महात्मा ज्ञान प्रचारक स्वर्ण चंद्रजी ने अपने अनमोल वचनों में कहा कि परमात्मा हमारी हर जरूरत को पूरा करते हैं, लेकिन हम उनकी एक भी इच्छा पूरी नहीं करते। वह हमें बुराई से बचाते हैं, गलत रास्तों से दूर रखते हैं, फिर भी हम उनकी उपेक्षा कर वही कार्य करते हैं जो नहीं करना चाहिए। इसलिए शास्त्रों में कहा गया है कि जब-जब होय धर्म की हानि, बाढ़े असुर अभिमानी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब इंसान अपनी इंसानियत भूल जाता है, तो असुर का रूप धारण कर लेता है और अभिमान उसमें घर कर जाता है। इंसान अभिमान किस बात का करता है। जन्म का, नाम का, जमीन-दौलत का, लेकिन वह यह भूल जाता है कि यह सब उसकी अपनी देन नहीं हैं। जन्म माता-पिता की कृपा से...
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