नई दिल्ली, जुलाई 7 -- एम जे अकबर,वरिष्ठ पत्रकार व पूर्व केंद्रीय मंत्री अब 'स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (रणनीतिक साझेदारी), या इससे भी बड़ी 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (व्यापक रणनीतिक साझेदारी) जैसी शब्दावलियां इतनी आम हो गई हैं कि कई द्विपक्षीय समझौतों में इनका असर सिर्फ कूटनीतिक दिखावे तक सीमित रह जाता है। सामरिक ताकत का असली लक्ष्य ये हासिल नहीं कर पातीं। मई 2018 में भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार इंडोनेशिया गए (हालांकि, आज वह ऑस्ट्रेलिया पहुंच रहे हैं)। क्या इसका कोई खास मतलब है? या, बस यह ऐसी बात है, जो खुशनुमा एहसास देती है व एक-दूसरे के अहं को तुष्ट करती है? सिर्फ व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देश आपसी रिश्तों को यह ऊंचाई नहीं देते। इसके लिए तो सस्त...