रुडकी, मार्च 25 -- धनौरी पीजी कॉलेज में बुधवार को आयोजित गोष्ठी में कॉलेज सचिव आदेश कुमार सैनी ने कहा कि हमारी संस्कृति, मूल्यों एवं जीवन-दर्शन की आधारशिला है। प्राचार्य प्रो. विजय कुमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमारे जीवन में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है जो समाज को सुदृढ़ बनाती है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. गिरीश अवस्थी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा मानव जीवन में समर्पण, भक्ति, भाव एवं आध्यात्मिकता जैसे गुणों का विकास करती है। मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. मुक्तिनाथ यादव ने प्राचीन सभ्यताओं, बौद्ध दर्शन एवं बौद्ध साहित्य के महत्व को विस्तार से समझाया।

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