नई दिल्ली, दिसम्बर 21 -- हनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है - 'अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता।' यहां हनुमान जी को नवनिधि के दाता कहा गया है। शास्त्रों में 64 सिद्धियों का वर्णन है, जिनमें नवनिधि सिद्धि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह सिद्धि साधक को नौ प्रकार की दिव्य निधियों पर अधिकार प्रदान करती है। हनुमान जी स्वयं इन सिद्धियों के स्वामी हैं, लेकिन वे इनका उपयोग स्वयं नहीं करते, बल्कि योग्य भक्तों को प्रदान करते हैं। भगवान राम की कृपा से हनुमान जी को ये सिद्धियां प्राप्त हुईं। आइए जानते हैं नवनिधि सिद्धि का महत्व और ये नौ निधियां क्या हैं।नवनिधि सिद्धि क्या है और हनुमान जी से इसका संबंध नवनिधि सिद्धि का अर्थ है नौ दिव्य निधियों पर पूर्ण अधिकार। पुराणों में इन निधियों को भगवान कुबेर की संपत्ति माना गया ह...
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