हमीरपुर, जनवरी 7 -- राठ, संवाददाता। कस्बे के चौपरेश्वर मंदिर में चल रही श्री हनुमान कथा के दौरान कथा व्यास डॉ.अनुरुद्ध महाराज ने श्रद्धालुओं को हनुमान जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि माता अंजना पूर्व जन्म में एक अप्सरा थीं। जिन्हें एक ऋषि के श्राप से राजा कुंजर की इच्छानुसार रूप धारण करने वाली पुत्री के रूप में कपि योनि में जन्म लेना पड़ा। कथा व्यास ने बताया कि एक दिन माता अंजना मानवी स्त्री का रूप धारण कर पर्वत शिखर पर विचरण कर रही थीं। उस समय उन्होंने पीले रंग की साड़ी धारण की हुई थी। वायुदेवता उनके सौंदर्य से मोहित हो गए और अव्यक्त रूप से उनका आलिंगन कर लिया। पतिव्रता अंजना ने इसे तुरंत भांप लिया और प्रश्न किया कि कौन उनके पतिव्रत का नाश करना चाहता है। इस पर पवन देव ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्होंने मानसिक संकल्प से समागम किया है। जि...