हाथरस, मार्च 29 -- सासनी।कस्बा के रामलीला मैदान में आयोजित पांच दिवसीय श्री हनुमान कथा के दूसरे दिन रविवार को हनुमान जन्मोत्सव का प्रसंग बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ सुनाया गया। कथा के मुख्य वक्ता अतुल कृष्ण महाराज ने अपने मधुर मुखारविंद से जैसे ही अंजनी नंदन के जन्म का वृत्तांत सुनाया, पूरा पंडाल 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। अतुल कृष्ण जी महाराज ने कथा विस्तार देते हुए कहा कि हनुमान जी का अवतार केवल दुष्टों के संहार के लिए नहीं, बल्कि भक्ति का आदर्श स्थापित करने के लिए हुआ था। उन्होंने बताया कि कैसे माता अंजनी और केसरी के घर शिव के अंश के रूप में बजरंगबली ने अवतार लिया। महाराज जी ने कहाहनुमान जी सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं। जो भक्त सच्चे मन से उनकी शरण में जाता है, उसके जीवन के सभी संकट स्वतः...
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