जौनपुर, नवम्बर 13 -- सतहरिया, हिन्दुस्तान संवाद। प्रभु हनुमान कलयुग के सबसे बड़े देवता के रूप में आज भी स्थापित हैं। इनकी भक्ति करने से एक तो सारे अमंगलकारी बाधा नष्ट हो जाती हैं। तो वहीं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के दर्शन हो जाते हैं। कारण है कि हनुमान के अंदर प्रभू राम और मां सीता विराजमान हैं। तन मन व श्रद्धा भाव से जो आराधना करता है हनुमानजी उसके रखवाले हो जाते हैं। यह बातें दिव्यांग हनुमान भक्त बाबा ओंकार नाथ ने मुंगराबादशाहपुर नगर के पुरानी सब्जी मंडी में स्थित शिव मंदिर परिसर में गुरुवार को प्रभू हनुमान जी की महिमा पर चर्चा के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि प्रभू श्रीरामजी का दुनिया में हनुमान जी से बड़ा कोई भक्त है ही नही। हनुमानजी के लिए प्रभू श्रीराम गुरु, सखा व माता पिता के समान है। कारण है कि जहां पर हनुमान वहीं प्रभू श्री...
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