अयोध्या, मार्च 17 -- अयोध्या। हनुमत निवास के संस्थापक आचार्य स्वामी गोमती दास को उनकी पुण्यतिथि पर संत-महंतो व शिष्य परम्परा के श्रद्धालुओं व गणमान्य नागरिकों ने नमन किया। कहा जाता है कि अयोध्या के सिद्ध संतों की माला के सुमेरु आचार्य गोमती दास ने बांके सिद्ध की गुफा में श्रीहनुमान का दर्शन किया था। तप करते हुए संपूर्ण भारत का भ्रमण कर जब अयोध्या आएं तो यहीं पर रम गए। वह अपने साथ हनुमान जी के श्रीविग्रह को लेकर आए थे और हनुमत निवास में उन्हीं की प्रतिष्ठा कराई। चित्रकूट से अयोध्या और श्रीहनुमत्-निवास तक की यात्रा में उनको श्रीराम के साथ उनकी जन्मस्थली की ओर मानों प्रेम के अगाध रस की ओर डुबोने वाली रही। लक्ष्मण किलाधीश रसिकाचार्य जानकीवर शरण ने उनको अपनी परंपरा का सम्बन्ध पत्र प्रदान किया। इसके बाद उपासना-अनुराग और अनन्यता की एक कथा घटित ह...
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