मथुरा, मई 22 -- आगरा में सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर रही हथनी फूलकली ने शुक्रवार को हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में अपनी आजादी के 14 साल पूरे किए। इस दौरान उसे फल एवं सब्जियों की विशेष दावत दी गई। वर्ष 2012 में वन विभाग व वाइल्डलाइफ एसओएस फूलकली को रेस्क्यू कर संरक्षण केंद्र लाए थे। करीब 50 वर्ष दुर्व्यवहार एवं पीड़ा झेलकर फूलकली के पैरों में गंभीर घाव, तलवों में फटने एवं संक्रमण की समस्या थी। कुपोषण से आंख में मोतियाबिंद से वह दाहिनी आंख से देख भी नहीं पाती थी। केंद्र में उपचार एवं देखभाल के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। करीब 70 वर्षीय फूलकली माया एवं एम्मा नामक हथनियों के छोटे झुंड की मुखिया बन गई है। माया को सर्कस एवं एम्मा को गुलामी भरे जीवन से बचाया था। वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु चिकित्सा सेवा के उप निदेशक डॉ. इलयाराजा ने बताया कि ...