प्रयागराज, जून 27 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मिर्जापुर के चुनार इलाके में वर्ष 1983 के चर्चित मंगला सिंह हत्याकांड मामले में दो भाइयों की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि चश्मदीद गवाहों का सुसंगत और विश्वसनीय बयान किसी भी मेडिकल राय या एफआईआर की छोटी-मोटी कमियों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। ​यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने कालिदास और छोटेलाल की अपीलों को खारिज करते हुए दिया है। ​घटना 26 जुलाई 1983 को मिर्जापुर जिले के चुनार थाना क्षेत्र के ममोलपुर गांव की है। घटना की पृष्ठभूमि एक साल पुरानी थी, जब मंगला सिंह के खेत में आरोपी के पिता की बकरी घुस गई थी और मंगला सिंह ने उसे लाठी से मार दिया था, जिससे उसका पैर टूट गया था। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में रंजिश चली आ रही थी。...