रांची, मार्च 6 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने 25 वर्ष पुराने हत्या के प्रयास और लूट के मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दो दोषियों की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि घायल प्रत्यक्षदर्शी की गवाही विश्वसनीय है और उसे खारिज करने का कोई ठोस आधार नहीं है। जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि कानून में घायल प्रत्यक्षदर्शी की गवाही को विशेष महत्व दिया जाता है। मामले में उसके बयान में ऐसा कोई गंभीर विरोधाभास नहीं पाया गया, जिससे अभियोजन की कहानी पर संदेह हो। अदालत ने यह भी कहा कि मेडिकल साक्ष्य भी पीड़ित के बयान का समर्थन करते हैं। दो माह में करना होगा आत्मसमर्पणखंडपीठ ने अपील खारिज करते हुए कहा कि दोनों आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं, इसलिए उनकी जमानत रद्द की जाती है। अ...