झांसी, मार्च 18 -- बहन के साथ संबंधों के विरोध में पार्टी के बहाने बुलाकर दलित युवक की हत्या के आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी। उसकी जमानत याचिका पत्र विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) नेत्रपाल सिंह के न्यायालय में निरस्त कर दिया गया। विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह एवं कपिल करोलिया के अनुसार अंजना पत्नी जीवन रजक के भाई प्रमोद सरसैया के मोहल्ले की युवती से जान-पहचान थी। दीपा के परिजनों ने इस संबंध में वादिया के घर शिकायत कर भाई के न समझने पर इसका बुरा अंजाम होने की धमकी दी थी। बताया कि वादिया का भाई अब उस लड़की से बातचीत नहीं करता था. इसकी वादिया को जानकारी थी। 26 नंबवर 2025 को लगभग 11 बजे राहुल रैकवार व उनके अन्य साथी टकलू, धीरज सरसैया, शिब्बू रैकवार के साथ आकर वादिया के भाई को पार्टी करने के बहाने से बुला कर ले गये और शाम तक उ...
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