नई दिल्ली, मई 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि जो व्यक्ति किसी की हत्या करता है या हत्या में मदद करता है, तो उसे मृतक की संपत्ति पर अधिकार नहीं मिलेगा, क्योंकि कानून ऐसे व्यक्ति को विरासत पाने से रोकता है। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने साफ किया कि अगर किसी व्यक्ति पर हत्या करने या हत्या के लिए उकसाने का आरोप है, तो वह मृतक की संपत्ति नहीं पा सकता। यह नियम तब भी लागू होगा जब मृतक ने वसीयत नहीं छोड़ी हो और तब भी, जब वसीयत बनाई गई हो। अदालत ने कहा कि मुकदमा जारी रहने पर भी यह रोक लागू रहेगी। बिना वसीयत के उत्तराधिकार व्यक्तिगत कानून के नियमों के अनुसार होता है, जबकि वसीयत के माध्यम से उत्तराधिकार तब लागू होता है, जब संपत्ति एक उत्तराधिकार के माध्यम से दिया जाता है।
हत्या के आरोप और संपत्ति के अधिक...
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