मधेपुरा, दिसम्बर 6 -- कुमारखंड, निज संवाददाता। सीएचसी में फैक्चर के केस में प्लास्टर की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं रहने से निजी नर्सिंग होम में इलाज कराने की मजबूरी बनी हुई है। ऐसे में मरीजों का जमकर आर्थिक शोषण किया जाता है। बताया गया कि सीएचसी में हड्डी रोग या फिर फ्रैक्चर की समस्या लेकर हर दिन आठ से दस ऐसे मरीज आते हैं। यहां से लाल-पीली दर्द की दवा देकर सदर अस्पताल या जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। बीएचएम कुमार धनंजय ने बताया कि वैसे अस्पताल में प्लास्टर से संबंधित संसाधन उपलब्ध हैं और मरीजों का एक्स रे किया जाता है। सीएचसी में 18 एमबीबीएस व विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के सृजित पद के विरुद्ध अभी चार एमबीबीएस डाक्टर पदस्थापित है। 14 परिचारी, एक क्लर्क, एक फर्मासिस्ट ...
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