हल्द्वानी, अप्रैल 6 -- हल्द्वानी। उत्तराखंड कार्मिक एकता मंच ने राज्य गठन के बाद भी प्रदेश में लगातार बनी हड़ताली स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। मंच संस्थापक अध्यक्ष रमेश चन्द्र पाण्डे ने कहा कि विकास में बाधक हड़तालों के प्रति जवाबदेही तय करना जरूरी है। कहा कि अब तक किसी भी सरकार ने उत्तराखंड को 'हड़ताली प्रदेश' के तमगे से मुक्ति दिलाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया। 23 मार्च से जारी डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल का जिक्र करते हुए कहा कि महासंघ ने 27 सूत्रीय मांगों को लेकर 13 जून 2025 को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र सौंपा था, लेकिन उसकी उपेक्षा के कारण हड़ताल का नोटिस देना पड़ा। नोटिस देने के उसी दिन शासन ने वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन बैठक के फैसलों पर अमल न होने से हड़ताल जारी है। अब जल निगम और जल संस्थान के इंजीनियर भी एक से हड...
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