कटिहार, अप्रैल 29 -- सालमारी, एक संवाददाता। बलिया बेलौन क्षेत्र से बुधवार को दर्जनों जायरीन हज के लिए मक्का शरीफ रवाना हुए।हज की अदायगी के लिए मक्का शरीफ और मदीना शरीफ की जियारत कर खाने काबा का तव्वाफ करने के साथ मस्जिदें नबवी में इबादत करने के बाद हज का अरकान की अदायेगी की जायेगी। हज के लिए रवाना हो रहे मौलाना मुफ्ती मोजीबुर रहमान मिस्बाही रिजवी ने बताया की अहले निशाब पर हज वाजिब है। इस्लाम के पांच अरकान में से हज भी एक अरकान है। हज जिलहिज्जा के महिने के 10 वीं तारिख को अदा की जाती है। इस मौके पर खाने काबा का तव्वाफ, मस्जिदें नबवी में नमाज अदा करना, शैतान को कंकर मारना होता है, सफा मरवा का चक्कर लगाना आदि खान अरकान है। यह भी पढ़ें- लब्बैक की सदा संग हज को रवाना हुए जायरीन हज के लिए रवाना करते हुए स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि एकबाल हुसैन ने ज...
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