जमुई, मार्च 11 -- सिमुलतला, निज संवाददाता सिमुलतला के सेवा धाम आश्रम में आयोजित श्री श्री 1008 शिव शक्ति महायज्ञ के दूसरे दिन हजारों श्रद्धालुओं ने स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज के मुखारविंद से शिवपुराण कथा प्रवचन का श्रवण किया। ततपश्चात सांस्कृतिक कार्यक्त्रम का आनंद लिया। शाम होते ही पूरा परिसर भक्ति, आस्था और शिवनाम के जयघोष से गूंज उठा।प्रवचन के दौरान स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज ने शिवपुराण के प्रथम अध्याय का महत्व बताते हुए कहा कि सभी पुराणों में शिवपुराण अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी ग्रंथ है। इसमें भगवान शिव की महिमा, उनके अवतारों, दिव्य लीलाओं तथा शिवभक्ति के महत्व का विस्तृत वर्णन किया गया है। उन्होंने बताया कि शिवपुराण का मूल स्वरूप अत्यंत विशाल था, जिसमें लगभग एक लाख श्लोक और बारह संहिताएं थीं। बाद में महर्षि वेदव्यास ने ...