नई दिल्ली, मार्च 29 -- नासा 1969 में अपोलो मिशन के तहत चंद्रमा पर मानव को उतारने में सफल रहा था। उस समय अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध के दौरान स्पेस रेस चल रही थी। अपोलो 11 की सफल लैंडिंग ने यूएस को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद की। अब नासा आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत चंद्रमा पर वापसी कर रहा है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 100 बिलियन डॉलर (करीब 8300 अरब रुपये) खर्च करने की योजना है। 1 अप्रैल को चार सदस्यीय क्रू को चंद्रमा की परिक्रमा कराने वाला मिशन शुरू होने वाला है। यह भी पढ़ें- गैंगस्टर जैसी सोच... अमेरिकी विशेषज्ञ ने ट्रंप और उनके दामाद कुशनर को लताड़ा दशक के अंत तक चंद्रमा पर लैंडिंग का प्रयास है। लेकिन सवाल यह है कि पहले ही चंद्रमा पर पहुंच चुके नासा को दोबारा वहां जाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? इसका जवाब अलग-अलग...
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