हजारीबाग, जून 20 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि जिले में लंबे समय से गहराए रक्त संकट से निपटने के लिए अब ठोस पहल की जा रही है। रक्त संकट पर केंद्रित अपने अखबार हिंदुस्तान के रक्तदान महादान यह भी पढ़ें- रक्तदान आंदोलन की रफ्तार में कमी से रांची में घट रहे स्वैच्छिक रक्तदातारक्त संकट का समाधान विशेष अभियान के दसवें दिन शुक्रवार को लगातार मिल रहे फीडबैक और विशेषज्ञों के परामर्श के बाद, जिले को इस प्राणघातक संकट से बाहर निकालने के लिए एक व्यापक ब्लड रोडमैप तैयार किया है। जिसमें नियमित रक्तदान और नेटवर्किंग ही एकमात्र उपाय नजर आता है।स्वैच्छिक रक्तदान की कमी एसभीएमसीएच ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ प्रणीत सहाय कहते है कि हजारीबाग में रक्त की कमी का मुख्य कारण स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति में कमी है। इस दिशा में अब स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और विभिन्न...