हजारीबाग, जून 16 -- हजारीबाग के अस्पतालों में रक्तदान महादान का नारा महज कागजों तक सिमट कर रह गया है। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में रक्त की किल्लत और उसके प्रबंधन के नाम पर मरीजों से मनमाना प्रोसेसिंग शुल्क वसूला जा रहा है। 11 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान हुई पड़ताल में यह साफ हुआ कि खून के बदले पैसे का यह खेल आम आदमी की कमर तोड़ रहा है। सरकारी नियमों के अनुसार, रक्तदान निस्वार्थ होता है, इसलिए रक्त का कोई मूल्य नहीं लिया जा सकता। मरीजों से जो शुल्क लिया जाता है, वह केवल प्रोसेसिंग चार्ज है, जिसमें स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, स्टोरेज और उपकरण का खर्च शामिल होता है। सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम शुल्क एनबीटीसी और झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के मानक अनुसार होल ब्लड 1450 से1550 रूपए, पैक्ड रेड ब्लड सेल्स 1450 से1550 रुपए, फ्रेश फ्रोज...