हजारीबाग, जून 18 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि । शहर में मुहर्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इमामबाड़ों की रंगाई-पुताई पूरी कर ली गई है, और अखाड़ों में पारंपरिक हथियारों के साथ लाठी-खेल और करतबों का अभ्यास अंतिम चरण में है। हजारीबाग का मुहर्रम अपनी ऐतिहासिक कलात्मक झांकियों (ताजियों) के लिए देश भर में विख्यात है, जिसकी झलक अभी से शहर के विभिन्न मुहल्लों में देखने को मिल रही है।हजारीबाग में मुहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है। जिला प्रशासन और शांति समिति की बैठकों में सभी समुदायों के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संकल्प लिया है। यह भी पढ़ें- मोहर्रम की शुरुआत होते मजलिसों का दौर शुरू यह भी पढ़ें- मोहर्रम का चांद नजर आते ही गूंजे या हुसैन के नारे, शुरू हुई तैयारियां यह भी पढ़ें- म...