हजारीबाग में डिजिटल साक्षरता का विरोधाभास
हजारीबाग, सितम्बर 9 -- हजारीबाग, हमारे प्रतिनिधि। केंद्र सरकार के नवभारत साक्षरता अभियान उल्लास कार्यक्रम के तहत हजारीबाग जिला प्रशासन भले ही 1.10 लाख लोगों को साक्षर बनाने का दावा कर रहा हो, लेकिन धरातल पर हकीकत इन कागजी दावों से कोसों दूर है। यह भी पढ़ें- अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर निकाली गईप्रभात फेरी और साइकिल रैलीअंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस जिला मुख्यालय स्थित डायट हॉल में 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर शिक्षा विभाग ने डिजिटल माध्यमों से बड़ी सफलता का ऐलान किया, मगर जिले की जमीनी तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। उल्लास एप पर डिजिटल साक्षर और जमीन पर अंगूठा छाप ज्यादा नजर आ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों में छात्र स्वयंसेवकों और शिक्षकों ने घर-घर जाकर उल्लास मोबाइल एप के...
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