हजारीबाग, अप्रैल 13 -- हजारीबाग, हमारे प्रतिनिधि। गर्मी की शुरुआत के साथ ही हजारीबाग में पेयजल संकट ने भयावह रूप ले लिया है। सरकारी जलापूर्ति की अनिश्चितता और गिरते भूजल स्तर ने आम लोगों की जिंदगी और बजट दोनों पर भारी दबाव डाल दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब पानी भी बिजली और मोबाइल बिल की तरह एक नियमित मासिक खर्च बन चुका है। शहर के मध्यमवर्गीय परिवारों में पीने के पानी के लिए 20 लीटर जार पर निर्भरता तेजी से बढ़ी है। एक जार की कीमत औसतन 30 रुपये है और एक परिवार को रोज कम से कम एक जार की जरूरत पड़ रही है। यानी महीने का खर्च 800-1000 रुपये तक पहुंच रहा है। सरकारी नलों से आने वाले पानी की गुणवत्ता पर भरोसा कम होने के कारण लोग मजबूरी में महंगा पानी खरीद रहे हैं या फिर आरओ सिस्टम लगवा रहे हैं, जिनका रखरखाव भी खर्चीला है। जिन परिवारों के पास ...