रांची, अप्रैल 23 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय उच्च पथ प्राधिकार (एनएचएआई) द्वारा हजारीबाग-बरही सड़क (एनएच-33) के किनारे लगाए गए 20 हजार पौधों के दावे पर गंभीर रुख अपनाते हुए हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष सह रीजनल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (आरसीसीएफ) को स्थल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले में एनएचएआई के क्षेत्रीय पदाधिकारी से भी पेड़ों के संरक्षण तथा अधिकतम पौधरोपण के लिए अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने गुरुवार को यह निर्देश स्वत: संज्ञान लिए मामले की सुनवाई करते हुए दिया। सुनवाई के दौरान एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने डालसा हजारीबाग के सचिव की रिपोर्ट को गलत बताते हुए कहा कि पौध...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.