हजारीबाग, अप्रैल 26 -- हजारीबाग। हजारीबाग की दनुआ घाटी में शनिवार का दिन एक दर्दनाक हादसे की याद बनकर रह गयी। सड़क दुर्घटना में छह लोगों की असमय मौत ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। हादसे के बाद जब शोक और सन्नाटा हर ओर पसरा था, तब मानवता की एक शांत लेकिन गहरी मिसाल सामने आई। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के परिसर में माहौल भारी था। परिजनों की आंखों में आंसू, दिलों में दर्द और शब्दों में खामोशी थी। इसी बीच मुक्ति सेवा संस्थान के नीरज कुमार आगे आए। बिना किसी शोर, बिना किसी अपेक्षा के। उन्होंने एक-एक कर सभी शवों को सम्मानपूर्वक संभाला, उन्हें प्लास्टिक में सुरक्षित पैक किया, ताकि अंतिम यात्रा गरिमा के साथ पूरी हो सके। यह भी पढ़ें- दनुआ घाटी के खौफनाक मंजर के बीच देवदूत बने आपदा मित्र शक्ति यह सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं थी, यह संवेदना का स्पर्श थ...
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