अलीगढ़, दिसम्बर 2 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। हज़रत शाह नियाज बे नियाज के 197वे उर्स के संबंध में अलनियाज़ एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के तहत सैयद कॉलोनी, सर सैयद नगर स्थित खानकाहे निआज़िया में फातेहा का आयोजन किया। इस अवसर पर शाह नियाज बे नियाज का विशेष कलाम पेश किया गया, इश्क़ में तेरे कोह गम सर पे लिया, जो हो सो हो, ऐश व नशात ज़िंदगी छोड़ दिया, जो हो सो हो पढ़ा गया। डॉ. मोहम्मद अब्बास निआज़ी ने कहा शाह नियाज़ अहमद 1750 में सर हिंद में पैदा हुए। दिल्ली में मौलाना फखरुद्दीन देहली से तालीम हासिल की। उन्होंने लगभग 26 किताबें लिखीं। उनक काबिलियत देखकर मौलाना फखरुद्दीन देहली ने उनको बरेली जाने को कहा। बरेली में हजरत शाह नियाज अहमद ने मदरसे के साथ ही खानकाह की भी बुनियाद डाली। उनका देहांत 1845 में बरेली में हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम मे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.