हजरत मुस्लिम के ताबूत को देख हर आंख हुई अश्कबार
लखनऊ, मई 27 -- :::फोटो -रईस मंजिल में करायी जियारतलखनऊ। पैगम्बर इस्लाम हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हसैन के दूत हजरत मस्लिम बिन अकील की दर्दनाक शहादत की याद में बुधवार को शिया गम में डूबे रहे।अजादारों ने काले लिबास पहने और मजलिसों में शिरकत करके हजरत मस्लिम बिन अकील की शहादत पर गम मनाया। शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और कर्बलाओं में मजलिसें हुईं व ताबूत की जियारत करायी गयी। जहां पुरूषों व बच्चों ने शहर के इमामबाड़ों में मजलिस में शिरकत वहीं महिलाओं ने घरों में मातम-मजलिस करके हजरत मुस्लिम की शहादत का गम मनाया। इस मौके पर मुख्य मजलिस रौजा-ए-हजरत मुस्लिम रईस मंजिल हुसैनाबाद हुई। मजलिस को मौलाना खुमेनी रिजवी ने कहा कि जब कूफे वालों ने इमाम हुसैन को खत भेज कर बुलवाया तो इमाम ने हजरत मुस्लिम को अपना सफीर बनाकर कूफे में भेजा था, जहां उन्हें शहीद क...
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