गोंडा, अगस्त 4 -- गोंडा, संवाददाता। दो माह आठ दिन तक चल रही अजादारी के दौर में मंगलवार को शहर के तरबगंज रोड स्थित शिया इमामबाड़ा से चेहल्लुम का जुलूस बड़ी श्रद्धा के साथ निकाला गया। अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और करबला के 72 शहीदों को मातम कर याद किया। जुलूस से पहले हुई इमामबाड़ा में मजलिस को मौलाना मुंतजिर हुसैन ने खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन के परिवार को भूखा-प्यासा रखा गया। मासूम बच्चों पर भी जुल्म किए गए और उन्हें पानी की एक बूंद तक नहीं दी गई। करबला की कुर्बानी आज भी हक और इंसानियत का पैगाम देती है। यह भी पढ़ें- चेहल्लुम की पूर्व संध्या पर आग मातम, गूंजी या हुसैन की सदा मजलिस के बाद जुलूस इमामबाड़ा से बरामद हुआ। जुलूस फैजाबाद रोड तिराहा, मुन्नन खां चौराहा होते हुए करबला की ओर बढ़ा। रास्ते भर अंजुमनों ने नौहाखानी की। अजादार सीन...