बहराइच, जनवरी 3 -- बहराइच, संवाददाता। शेरे खुदा अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली (अलै.)के यौमे पैदाइश पर जश्न का माहौल रहा। मुस्लिम बहुल इलाकों में महफिलों का आयोजन किया गया। लोगों ने एक दूसरे को मुबारकवाद दी। अकीदतमंदों ने मिलाद आयोजित करके आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। सुबह नजर व नियाज का सिलसिला चला जो देर रात तक जारी रहा। सैयदबाड़ा, काजीपुरा व नाजिरपुरा महफिल हुई । मौलाना शफीकुल हसन ने कहा हजरत अली को इल्म का दरवाजा कहा गया है। उन्होंने कहा कि उनके मानने वाले इल्म हासिल करें यही सच्ची पैरोकारी है। उन्होंने कहा कि हजरत अली का न्याय आज के दौर में बेहद प्रासंगिक है। उन्होंने न्याय करने में सभी को समान देखा। उनके न्याय के सिद्धांत को दुनिया आज भी मानती है। मौलाना साबिर रजा ने कहा कि हजरत अली ने मजदूरी प्रथा में सुधार किया। उनका कहना था कि मजूदर...
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