बरेली, जून 23 -- मोहर्रम की छह तारीख शहीदाने कर्बला हज़रत ईमाम हुसैन के छह माह के बेटे हजरत अली असगर की शहादत के रूप में मनाई गयी। अजादारी के इस क्रम में कई जुलूस निकले शबीहे गहवारा की ज्यारत कराई गयी। वही आग पर मातम भी हुआ और अकीदतमंद खूब रोए। मोहर्रम की छ: तारीख पर सुबह से ही मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया। ईमामबाड़ा खुर्द से अलम व डोले का जुलूस निकाला गया। जैसे ही यह जुलूस ईमामबाड़े से निकलकर राशिद जैदी के आवास पर पहुंचा तो वहां पर पहले तैयार लोगो ने निशान कमेटी के तत्वाधान में आग पर मातम किया। यह भी पढ़ें- शिया समाज की सजैरी का जुलूस मातमी नोहा ख्वानी के साथ निकला जगह-जगह जुलूस का स्वागत किया गया और लोगो ने मनौती मांगी। वही आसिफ अख्तर, नजमी जैदी, शानू,वसीम अख्तर, फहीम अख्तर, बाबू, शिम्मी आदि के घर विशेष लंगर का आयेजन किया गया। देर रात ई...